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बिखर रही है आजादी की आशाऐ सपना था बापू का

By   /  September 26, 2018  /  Poetry  /  No Comments

अवधेश अग्रवाल बिखर रही है आजादी की आशाऐ सपना था बापू का राम राज्य हम लायेगें दंगा फसाद होते हैं नित प्रताडि़त होती है अबलाएं बिखर रही है आजादी की आशाऐ। चाचा नेहरू ने प्रगति का फूंका था सपनीला बिगुल धर्म निरपेक्ष देश होगा हमारा होती नित साम्प्रदायिक घटनाऐ बिखर रही है आजादी की आशाऐ। […]

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गौ माता हमारी दो माता

By   /  September 26, 2018  /  Poetry  /  No Comments

योगेश कुमार बढ़ाई शासकीय प्राथमिक शाला साहूडीपा सीतापुर संपर्क 97540-68141, 87700-96838 गऊ माता और जन्म दाता जन्म जिसने दिया वही श्रेष्ठ मां पर जिसने हमे पाला वो सर्व श्रेष्ठ गऊ मां जिसके दूध को पीकर हम बढ़े घी दही माखन खाकर ताकतवर हो गए गौ मूत्र से छुटे अनेक रोग मानव उपयोग कर हो रहा […]

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अक्षर दीया जलाबोन अक्षर दीया जलाबोन संगी

By   /  September 26, 2018  /  Poetry  /  No Comments

महेन्द्र देवांगन माटी पंडरिया कवर्धा अक्षर दीया जलाबोन अक्षर दीया जलाबोन संगी निरक्षरता के अंधियार मिटाबोन । ज्ञान के मशाल ल धरके गाँव गली तक जाबोन । सबझन पढ़बोन अउ पढ़ाबोन सब कोई होही साक्षर । नइ राहे तब ये जग मा भंइस बराबर काला अक्षर । नोनी पढ़ही बाबू पढही पढ़ही बबलू के दाई […]

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शिक्षक दिवस

By   /  September 20, 2018  /  Poetry  /  No Comments

कुंती चौहान सहायक शिक्षक भँवरपुर बसना हरेक मनखे ले मिलथे एक अच्छा सबक उही हर तो ये संगवारी एक अच्छा शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन हे एक आदर्श नाम सबो पढ़ाय गुरु मन ल मोर सादर प्रणाम चाहे उ हमर माँ हो या पिता चाहे हो भाई बहन या संगवारी सबो ले मिलथे हमन ल अच्छा […]

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बड़े बिहनिया सुत उठ के लीपय अँगना दाई

By   /  September 20, 2018  /  Poetry  /  No Comments

महेन्द्र देवांगन माटी पंडरिया कवर्धा बड़े बिहनिया सुत उठ के लीपय अँगना दाई खोर गली ला बाहरत हावय ओकर हे करलाई आये हावय बहू दू झन काम बूता नइ करय चाहा ला बनावय नहीं पानी तक नइ भरय आठ बजे तक सुत के उठथे मेकअप रहिथे भारी काम बूता ला करय नहीं करथे सास के […]

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