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मयारु तोर मया

By   /  January 12, 2018  /  Poetry  /  No Comments

  महेतरु मधुकर पचपेड़ी, मस्तूरी, बिलासपुर मयारु तोर मया जीये के आस तयं हस त जम्मो सुख पास हे तोर ले सजे हे सब सपना मोर बिन तोर जिनगी ह बढ़ उदास हे नीत दिन तोर सपना तोरेच सुरता नई सुहावय तोर बिन काम बुता मया के सफर म झन छोड़बे संगी नई तो हो […]

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एक दिन घुमने गया गेंदा फूल को देखा

By   /  January 5, 2018  /  Poetry  /  No Comments

योगेश बढ़ाई, शासकीय प्राथमिक शाला साहूडीपा एक दिन घुमने गया गेंदा फूल को देखा कितने सुन्दर है दिखते सुनहरे जंगल लगते फूलों की लड़ी है गेंदा मानो सोना से ही बनता सभी फूलों से है महान राजकीय पुष्प से सम्मान सुन्दर से माला बनते देवी देवताओ को चढ़ाते वर्षा में गेंदा उगते कई दिनों तक […]

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ग्रामीण हिसाब

By   /  January 5, 2018  /  Poetry  /  No Comments

ग्रामीण हिसाब भारत एक गांवो का देश मेहनत करना इनका वेश इसके हिसाब है नायाब मै तुम्हे बताऊ साहब सामान को नही तौलते थे नापकर उन्हे देते थे 1 शेर मतलब 1 किलों अनाज 3 किलो धान बराबर 1 काठा आज 20 काठा धान एक खाड़ी 1 गाढ़ा धान बराबर 25 खाड़ी 1 कोरी बराबर […]

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नया साल नई उम्मीदों के साथ आये

By   /  January 5, 2018  /  Poetry  /  No Comments

संतोष गुप्ता, पिथौरा नया साल नई उम्मीदों के साथ आये अपने साथ खुशियों की बारात लाये संस्कार हर व्यवहार में ले आये हर अच्छी बातें नया साल में लाये हर अधरों में मुस्कान लाये आँखों में आशा की किरण ले आये हर सपना उन्नति को पूरा करने हिम्मत लाये हर दिन होली रात दिवाली मनाये […]

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छत्तीसगढ़ के बेटा आंव

By   /  January 5, 2018  /  Poetry  /  No Comments

  महेन्द्र देवांगन माटी, गोपीबंद पारा पंडरिया जिला कबीरधाम मय छत्तीसगढ़ के बेटा आंव धरती के सेवा करथंव भूंइया के खातिर जीथंव अऊ भूइंया के खातिर मरथंव सूत उठ के बड़े बिहनिया ए धरती दाई के पांव परथंव कोनो परानी भूख मत मरें ए मैं पहिली सुमरनी करथंव नांगर बइला मोर मितान ए ए एकरे […]

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