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जिंदगी में जीने के तरीके बता दे जिंदगी

By   /  August 8, 2018  /  Poetry  /  No Comments

दु:ख में जीते कैसे है और सुख में आज सवाल है मेरे मन में लेकिन उत्तर नहीं दु:ख में आँख से आंसु छलक क्यों जाते है सुख में आँख से आंसु कहाँ आते है क्या आँसु ही सुख दु:ख का अर्थ है अगर आँसु ही अर्थ है तो ये जिंदगी क्या है ये जिंदगी मुझे […]

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बच्चे हो गए थे निडर

By   /  August 8, 2018  /  Poetry  /  No Comments

ये बात तो तय है। बिना पढ़े जब पास फि र किसका भय है। पहिली से आठवीं तक बच्चे बन बैठे थे बॉस। मेहनत से दूर होकर भी होती पास होने की आस। अब शासन को हुआ है अपनी गलती का एहसास। अब पप्पू बिना मेहनत के होगा ही नहीं अब पास। शासन ने लिया […]

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यदि मानव होकर जीना है

By   /  August 8, 2018  /  Poetry  /  No Comments

मानवता का पाठ पढऩा होगा, मानवता के खातिर जीना होगा, मानवता के खातिर लडऩा होगा। यदि तुम चाहो तो, सच्चाईयों की राह चलो, यदि तुम चाहो तो, अच्छाईयों की राह चलो। सत्य-अहिंसा के खातिर, जिसने भी बलिदान दिए, अमर हुए वो आज भी, देश के खातिर जो कुर्बान हुए। सुख-दुख का यह जीवन, है पवित्र […]

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श्रावण

By   /  August 6, 2018  /  Poetry  /  No Comments

सजे कांवर सावन सोमवार शिव के धाम। गेरुआ रंगा सावन का महीना शिव का बाना। सर्पों की पूजा श्रावण शुक्ल पक्ष नागपंचमी । रक्षाबंधन सजती रोली संग थाली में राखी । श्रावण मास पुत्रदा एकादशी संतान सुख। प्रकृति पर्व हरेली अमावस श्रावण मास । मनीभाई (नवरत्न) भौंरादादर, लंबर, बसना

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जिंदगी मेरी डायरी है

By   /  August 1, 2018  /  Poetry  /  No Comments

वक्त का परिंदा कभी रुका ही नहीं सोचा था जिंदगी बनाने का सपना जिंदगी मेरी डायरी है हर वक्त अपना मन में एक प्रश्न है उठता ये जिंदगी तू है क्या? खुशी का था राज तो कलम थमी भी नहीं बस लिखती गयी जिंदगी की डायरी जब दु:ख आया तो कलम थम सी गयी रुख […]

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