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वन्य प्राणी तभी हिंसक होते हैं जब हम उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं संडे स्पेशल क्लास में वन्य प्राणी जीवन संरक्षण सप्ताह

By   /   October 12, 2018  /   No Comments

पिथौरा नगर। दिव्यांग मित्र मंडल पिथौरा द्वारा हौसले की पाठशाला के नाम से संचालित संडे स्पेशल क्लास में वन्य प्राणी जीवन संरक्षण सप्ताह और खेल कौशल विधा के तहत शतरंज प्रशिक्षण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रथम सत्र के दौरान वन्य जीवन और प्राणियों के प्रति जागरूकता, समर्पण, संवर्धन, सुरक्षा और नवचेतना के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने वन्य प्राणी जीवन संरक्षण से संबंधित गीत, कविता, भाषण, नारा लेखन, चित्रकला स्पर्धा एवं परिचर्चा में हिस्सा लेकर अपने विचारों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किए। अर्पणा सिंह एवं शिक्षक नंद प्रेरणा गीत के माध्यम से पेड़ पौधे , जीव जंतु के महत्व से अवगत कराया। वन्य प्राणी जीवन संरक्षण विषय के परिचर्चा में अतिथि शिक्षक के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद शर्मा ने कहा कि वन्य प्राणियों के प्रति दया भाव जरूरी है। वन्य जीव विविधता के कारण धरती की सुंदरता विद्यमान है। अतिथि शिक्षक मनीष अग्रवाल ने कहा कि वन और वन्य प्राणी अमूल्य संपदा है। वनों के विनाश को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए तभी वन्य प्राणी सुरक्षित रह पाएंगे। अतिथि वक्ता एवं गौ सेवक गोपाल पांडे ने कहा कि वन्य प्राणी की रक्षा करना, वनों मे पेड़ों की निरंतर कटाई को रोकना हमारा परम कर्तव्य है।
डॉ डीएन साहू ने कहा कि मनुष्य का जीवन वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण पर आधारित है। इस कार्यक्रम का प्रमुख ध्येय वन्य प्राणियों के संरक्षण को प्रोत्साहित करना और उनके लिए उपयुक्त वातावरण का निर्माण करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने वाइल्ड लाइफ के बारे में जानकारी दी। हाई स्कूल की छात्रा तीस्ता खुटे ने अपने भाषण में कहा कि वन्य जीवन की समुचित देखभाल, सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण का निर्माण किया गया है बावजूद इसके हमे वन्य प्राणियों के नाता जोडऩा पड़ेगा। वन्य प्राणी तभी हिंसक होते हैं जब हम उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। दिव्यांग मित्र मंडल के संयोजक एवं पाठशाला के मार्गदर्शक बीजू पटनायक ने कहा कि निश्चित रूप से पेड़ पौधे जीव जंतु हमारे अभिन्न मित्र हैं। इनके संरक्षण, सुरक्षा के लिए के लिए व्यक्तिगत पहल करना बेहद जरूरी है। दिव्यांग मित्र मंडल के प्रेरक एवं उत्साही सदस्य गुरदीप चावला के नेतृत्व में स्कूली छात्र छात्राओं को वन्य प्राणियों के जीवन और उनकी गतिविधियों से रूबरू कराने के लिए और जीव जंतु के प्रति मानवीय प्रेम को विकसित करने के उद्देश्य से विशेष फ ोटो प्रदर्शनी और नारा लेखन के माध्यम से संदेश प्रसारित किया गया कि वन्य प्राणी हमारे जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है। चावला ने कहा कि वन्य प्राणी से संबंधित सारे क्रिया कलाप बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक है। उन्होंने बच्चों को कई प्रेरक गीत सुनाए और वन्य प्राणी से संबंधित सुमधुर नारे का अभ्यास कराया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र मे खेल कौशल विधा के अंतर्गत रायपुर से पधारे शतरंज प्रशिक्षक रोहित रोहित यादव और हौसले की पाठशाला के कुशल शिक्षक हेमंत खुंटे द्वारा पाठशाला में शामिल 150 छात्र छात्राओं को शतरंज की बुनियादी जानकारी दी गई। इस दरमियान बच्चों को संबोधित करते पर्सनाल्टी ऑफ द मंथ के रूप में शामिल शतरंज के कोच व निर्णायक रोहित यादव ने कहा कि शतरंज खेलने वाला व्यक्ति पढ़ाई में भी तेज होता है। हेमन्त ने कहा कि शतरंज खेलने से तर्कशक्ति, एकाग्रता, धैर्य, दूरदर्शिता, याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता, कठिन परिस्थितियों का सामना करना न सिर्फ सिखाता है बल्कि शतरंज रीडिंग स्किल्स एवं आइक्यू को भी बढ़ाता है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन डी साहू द्वारा किया गया। इस अवसर पर नीलिमा पटनायक, वीरांची, राम कुमार विश्वकर्मा भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बच्चों का हौसला अफजाई करने उपस्थित थे।

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  • Published: 1 week ago on October 12, 2018
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  • Last Modified: October 12, 2018 @ 5:30 pm
  • Filed Under: News

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