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बड़े बिहनिया सुत उठ के लीपय अँगना दाई

By   /   September 20, 2018  /   No Comments

महेन्द्र देवांगन माटी
पंडरिया कवर्धा

बड़े बिहनिया सुत उठ के लीपय अँगना दाई
खोर गली ला बाहरत हावय ओकर हे करलाई
आये हावय बहू दू झन काम बूता नइ करय
चाहा ला बनावय नहीं पानी तक नइ भरय
आठ बजे तक सुत के उठथे मेकअप रहिथे भारी
काम बूता ला करय नहीं करथे सास के चारी
घिलर घिलर के दाई करथे सबो बूता काम
का दुख ला बतावँव सँगी माटी हे बदनाम

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  • Published: 3 months ago on September 20, 2018
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  • Last Modified: September 20, 2018 @ 4:25 pm
  • Filed Under: Poetry

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