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नवा कलेण्डर

By   /   December 28, 2017  /   No Comments

 

मानकदास मानिकपुरी, केवटापाली।

नवा कलेण्डर
हमर गुड्डू कहिथे भैया नवा साल आही
जइसे तइसे करके दिसम्बर ह जोन दिन बित जाही
मै कहेब नवा साल नी कहे रे न्यू इयर कहिथे
कलेण्डर ह बदलथे मौसम तो जइसने के तइसने रहिथे
न जाड़ भागे ना गर्मी आय
न फूल फूले ना रूक पान झरय
तिहार बार लगन तिथि पंचाग देख के मनाथन
सुख दुख के समय ल एकरो संग बिताथन
गुड्डू कहिस जइसनो हो नवा कलेण्डर लाना हे
दिसम्बर तक तो पेज हे आगू कैसे काम चलाना हे
तै कहिथस भैया चैत महिना हमर हिन्दु नवा साल हे
त बता तो कति ज्योतिष अऊ कम्पनी ह
चैत महिना ल पहिली पेज म छपयाय हे
जब ले बाड़हेन तब ले जनवरी न जानत हन
सियनहा मन जइसने बनाइस कलेण्डर
ओकरे पहिली दिन ल नवा साल मनाथन
बारह महिना म कई बेर नवा साल मनाना हे
जइसने बनही नया कलेण्डर वइसने तिहार मनाना हे

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  • Published: 12 months ago on December 28, 2017
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  • Last Modified: December 28, 2017 @ 5:12 pm
  • Filed Under: Poetry

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