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देश भारत जिसे कभी सोने की चिडिय़ा कहा जाता था

By   /   September 26, 2018  /   No Comments

गजानंद राय सरस्वती पुत्र
सराईपाली – 9753806835

देश भारत जिसे कभी सोने की चिडिय़ा कहा जाता था। आज वह आर्थिक अराजकता की ओर बढ़ रहा है। आर्थिक अभाव के कारण आम जनता का जीवन असहाय होते चला जा रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार का दायित्व बनता है कि वह आम जनता के परिस्थितियों के अनुकूल आर्थिक विकास की नीतियॉं बनाये जिससे देश के आर्थिक अराजकता न बढ़ पाये। आम जनता की समस्याएॅं आर्थिक विकास की नीतियों से दूर हो सके। देश की सुरक्षा के साथ साथ जनता के प्रति भी सरकार उत्तरदायी होती है। अतएव जनता की समस्याएॅं सरकार की समस्याएॅं है। भारत सरकार को उनके राज्य सरकारों को ऐसी नीतियों का निर्धारण करना होगा जिससे उनको आर्थिक समस्याओं का सामना करना न पड़े । उन्हें आर्थिक विकास की नीतियों पर विचार करना होगा। देशहित के अनुसार आर्थिक विकास की नीतियॉं लागू करनी होगी। ऐसी नीतियॉं बनानी होगी जिससे आम जनता के प्रति व्यक्ति आप में वृद्धि हो सके। सबको समान लाभ मिल सके। हमारी अर्थव्यवस्था का संतुलन बना रहे। प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय में वृद्धि के साथ साथ देश को आर्थिक विकास की ओर ले चलना है। भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे बड़ा समाधान है। भविष्य को मजबूती प्रदान करने के लिए वर्तमान का मजबूत होना आवश्यक है अतएव हमारा वर्तमान आर्थिक व्यवस्था मजबूत होगी।

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  • Published: 3 months ago on September 26, 2018
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  • Last Modified: September 26, 2018 @ 3:59 pm
  • Filed Under: Editorial

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