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तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य से पिछड़ गया सराईपाली वन विभाग

By   /   June 13, 2018  /   No Comments

सराईपाली। वन परिक्षेत्र के अंतर्गत तेंदूपत्ता का संग्रहण का काम पूर्णता की ओर है, विभाग की उदासीनता के चलते लक्ष्य से ज्यादा पत्ता आने की जगह इस बार 2 हजार मानक बोरा से पिछड़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए 12 हजार 100 मानक बोरा का लक्ष्य था, जिसमें अब तक 10 हजार 564 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण ही किया जा सका है, यह लक्ष्य से काफी कम है। जबकि यहां का रिकार्ड रहा है कि लक्ष्य से ज्यादा खरीदी होती रही है, क्योंकि उड़ीसा सीमावर्ती क्षेत्र में आवक अच्छी होती है। बताया जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र पालीडीह, गेर्रा और छिर्राखार मेें संग्रहण का कार्य चल रहा है। हर वर्ष गर्मी माह में लघु वनोपज समितियों के माध्यम से तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जाता है। वनपरिक्षेत्र अंतर्गत सराईपाली, पालीडीह, गेर्रा, छिर्राखार, मल्दामाल, चिवराकुटा, सिंगबहाल, बटकी, तोषगांव, कोदोगुड़ा, मोहनमुंडा, कोसमपाली वनोपज समिति संचालित है। 12 समितियों को 12 हजार 100 मानक बोरा तेंदूपत्ता तोडऩे का लक्ष्य मिला था। अब तक गेर्रा समिति 1 हजार 100 के मुकाबले 1 हजार 207 मानक बोरा, छिर्राखार में 600 के मुकाबले 634 मानक बोरा, बटकी में 1 हजार 200 के मुकाबले 1 हजार 286 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है, जो कि लक्ष्य से अधिक है। लेकिन कई वन समितियों में लक्ष्य से पिछडऩे का मामला सामने आ रहा है।
तोषगांव समिति के अंतर्गत कम संग्रहण –
तोषगांव समिति को 1 हजार 700 का लक्ष्य मिला था, जबकि समिति क्षेत्र में मात्र 964 मानक बोरा का संग्रहण किया गया है जबकि वह उड़ीसा सीमा से लगा क्षेत्र है। लक्ष्य से काफी कम तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाली समितियों में सराईपाली में 530, कोदोगुड़ा 1 हजार 51, पालीडीह 657, मल्दामाल 926, चिवराकुटा 700, सिंगबहाल 963, मोहनमुंडा 642, कोसमपाली 833 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इन समितियों में लक्ष्य से कम तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है, इन समितियों में लक्ष्य हासिल न कर पाना ंिचंता व जांच का विषय है। तेंदूपत्ता संग्राहकों द्वारा संग्रहित तेंदूपत्ता के एवज में 2 करोड़ 65 लाख रूपये मजदूरी का भुगतान किया जाना है। यह इस अंचल के मजदूरों और छोटे किसानों के लिए गर्मी के दिनों में रोजगार का और आय का बेहतर साधन होता है। कम खरीदी मतलब सीधे-सीधे मजदूरों का नुकसान।

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  • Published: 1 week ago on June 13, 2018
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  • Last Modified: June 13, 2018 @ 9:12 am
  • Filed Under: News

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