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जमीन दलाल द्वारा सौदाकर जमीन न देने पर दी गई राशि के चेक के बाउंस होने पर दो लोगों को एक-एक वर्ष की सजा

By   /   June 13, 2018  /   No Comments

सराईपाली। जमीन दलाल जमीन दिलाने के लिए 6 लाख रूपया लेने के बाद नही लौटाने पर दिए गए चेक की राशि सहित एक वर्ष सजा न्यायालय द्वारा सुनाया गया है। कार्तिकराम नामक ग्राम गिरसा के ने स्थानीय न्यायालय परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि कार्तिकराम के खिरोद्र प्रधान साल्हेतराई से अच्छे संबंध थे। खिरोद्र ने कार्तिकराम से घरेलू आवश्यता बताते हुए 6 लाख रूपया उधार मांगा। राशि अदा ने करने पर साल्हेतराई स्थित भूमि जिसका रकबा 1.4 हेक्टेयर है उसे रजिस्ट्री कर देगा। लेकिन निर्धारित समय व्यतित होने के बाद न रकम दिया न जमीन रजिस्ट्री कराई। बार बार राशि मांगने पर 5 लाख 50 हजार का चेक कोऑफरेटीव बैंक सांकरा का चेक दिया। चेक बैंक मे लगाने पर डिसआनर हो गया। क्योंकि खाते मे पर्याप्त राशि नही थी जिसकी जानकारी खिरोद्र प्रधान को दी गई। 15 दिन के अंदर राशि देने का आश्वासन दिया। अगर राशि नही दे पाया तो जमीन रजिस्ट्री करने की बात कही। इस पर न्यायालय मे प्रक्रण चला। न्यायालय ने खिरोद्र प्रधान को धारा 138 के तहत अपराधी पाते हुए 1 वर्ष सश्रम कारावास के दंडित किया तथा 5 लाख 50 हजार चेक की राशि एक माह के भीतर भूगतान करने का आदेश दिया।
एक अन्य मामले मे 6 लाख मे से बचे 50 हजार जिसका चेक अलग से दिया गया था। वह चेक भी डिसआनर हो गया। जिस पर अलग से मामला चलने पर खिरोद्र प्रधान पर 138 परक्राम्य अधिनियम के तहत दोषी पाया और 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई और एक माह के भीतर 50 हजार चेक की राशि भुगतान करने का आदेश दिया। यह प्रकरण न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार महोबिया के न्यायालय ने परिवादी की ओर से अधिवक्ता आरएन आदित्य ने पैरवी की थी।
जमीन का सौदा कर जमीन दूसरे को बेच देने पर जमीन सौदे के नाम पर लिया गया बयाना 51 हजार नही लौटाने पर मामला न्यायालय मे पहुंचा। जहां बताया गया कि ग्राम गिरसा के हुर्षिकेश पटेल ने शिक्षक साखीराम पटेल शिक्षक पाटसेन्द्री से आपसी संबंध अच्छे होने के कारण छात्रावास के पिछे जमीन का सौदा किया और 51 हजार रूपया बयाना दिया तथा शेष रकम रजिस्ट्री के समय देना तया हुआ। बार बार प्लाट रजिस्ट्री कराने पर रजिस्ट्री बंद है कह कर टाल दिया बाद मे जब पटवारी से पता करने पर पटवारी ने बताया कि वह जमीन अन्य व्यक्ति के पक्ष मे रजिस्ट्री हो चुकि है। सच्चाई जानने का बाद साखीराम पटेल संपर्क किया बयाना की राशि लौटाने की मांग की साखीराम पटेल ने 38 हजार रूपया स्टेट बैंक सराईपाली का चेक दिया और 13 हजार बाद मे देने का वादा किया। चेक बैंक मे लगाने पर डिसआनर हो गया जिसकी सूचना अधिवक्ता के माध्यम से दी गई। जबाव न मिलने पर परिवाद केस किया गया। न्यायालय ने चेक डिसआनर के मामले के साखीराम पटेल को दोषी पाते हुए धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के अपराधी सिद्ध होने पर 1 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तथा 57 हजार रूपया प्रतिकार अपिलीय भुगतान करने का आदेश दिया। यह प्रकरण न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार महोबिया के न्यायालय ने परिवादी की ओर से अधिवक्ता आरएन आदित्य ने आरएन आदित्य ने पैरवी की थी।

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  • Published: 4 months ago on June 13, 2018
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  • Last Modified: June 13, 2018 @ 9:13 am
  • Filed Under: News

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