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चुनावी चर्चा – सराईपाली विधानसभा में रहा है जातीय समीकरण आरक्षण के बाद बदल गया है समीकरण आदिवासी होंगे बसना और सराईपाली में निर्णायक

By   /   July 11, 2018  /   No Comments

सराईपाली। विधानसभा चुनाव में कई बार जातीय समीकरण ने पार्टीयों को विजय दिलाई है, 1989 में जब भाजपा के नरसिंग प्रधान जीते तो उन्हे अघरिया समाज के एक कद्दावर नेता का अघोषित समर्थन था। जिससे सराईपाली विधानसभा में अघरिया और प्रधान जी कोलता समाज के प्रतिनिधि थे तो अघरिया कोलता का गठजोड़ होने से स्थिति प्रधान जी के पक्ष में चले गई। दूसरी बार यह जातीय समीकरण 2003 के चुनाव मेंं पुन: भाजपा ने अपनाया, सराईपाली विधानसभा में अघरिया समाज के व्यक्ति को टिकट दी तो बसना विधानसभा में कोलता समाज के व्यक्ति को टिकट दी, दोनो ही सीटों पर भाजपा को विजय मिली थी। 2003 के बाद जातीय समीकरण आरक्षित होने से बिगड़ गया, इसके कारण दोनों ही विधानसभा में कांगे्रस को विजय मिली। 2013 में भाजपा ने एक नया समीकरण अपनाया, सराईपाली विधानसभा में गांड़ा समाज के व्यक्ति को टिकट दी बसना में अघरिया समाज की महिला को टिकट दी, भाजपा का यह समीकरण भी सही निकला दोनों ही सीटों पर उन्हे सफलता मिली।
इसके पहले कांगे्रस और महल के बीच टकराव होता था, जिससे हर बार महल बाजी मार ले जाती थी। 1962 और 1984 दोनों ही बार कांगे्रस के प्रत्याशी को महल ने पराजित किया। महल का वर्चस्व इस अंचल में सर्वाधिक आदिवासियों के होने के कारण बना हुआ है, आदिवासी पिछले दिनों जिस तरह से अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, संघर्ष के दौरान जो संगठन बना है, वह उन्हे दृढ़ता प्रदान करेगा। कांग्रे्रस से इस बार भी बसना से आदिवासी नेता देवेन्द्र बहादुर सिंह की संभावना दिख रही है,जिससे इस बार पिछला जातीय समीकरण बिगड़ सकता है। इस बार सराईपाली से कांगे्रस स्थानीय गांड़ा समाज के किसी व्यक्ति को टिकट देती है तो आदिवासी और गांड़ा समाज का समीकरण उन्हे बढ़त दे सकता है। अजा वर्ग में भी स्थानीय स्तर पर गांड़ा समाज की बहुतायत है, जबकि भंवरपुर से लगकर बड़ेसाजापाली तक सतनामी समाज की अधिकता है।
कौन से समाज के कितने हैं प्रतिशत –
अनुमान है कि सराईपाली विधानसभा में निम्न समाजों की स्थिति
आदिवासी समाज 24 प्रतिशत
अघरिया समाज 18 प्रतिशत
कोलता समाज 17 प्रतिशत
अजा समाज 11 प्रतिशत
अन्य विछड़ा वर्ग 10 प्रतिशत
शेष सामान्य जिसमें उड़ीया बहुल ब्राह्मण भी हैं।

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  • Published: 2 weeks ago on July 11, 2018
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  • Last Modified: July 11, 2018 @ 10:12 am
  • Filed Under: News

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