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कांग्रेस मुक्त बना रहे या कांग्रेस की संस्कृति को बढ़ा रहे

By   /   June 6, 2018  /   No Comments

चुनाव के पहले सत्तारूढ़ दल द्वारा सरकार की उपलब्धियों को गिनाने विकास यात्रा निकालकर आम जनता के सामने अपनी बात रखी जा रही हैं, दूसरी तरफ विकास को ढकोसला बताते हुए विकास खोजो यात्रा निकाली जा रही है। दरअसल इन यात्राओं का उद्देश्य जनता के हित में बात करना या जनता के हित में बात को उठाना है। लेकिन क्या वास्तव में जनता के हित में बात हो रही है, विकास यात्रा के पहले इस अंचल में नगर की सडक़ों को सुधारने के लिए 3 वर्षों से मांग उठ रही थी, मगर विकास यात्रा आने के नाम पर सडक़ों की मरम्मत की गई। इसी तरह सरसीवां मार्ग पर कदम-कदम पर कमर तोड़ बे्रकर बने हुए थे, लोग बार-बार बेतरतीब और बहुत सारे बे्रकरों से परेशानी पर सवाल उठा चुके थे और बता चुके थे, मगर इनका उद्धार भी विकास यात्रा के आने से हुआ। पूरे सिस्टम को देखकर ऐसा लगता है सरकार जनता के लिए नहीं लेकिन बताया जाता है जनता के लिए है। बार-बार तुलना होती है कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में लेकिन आम आदमी पूछता है क्या फर्क है इन सरकारों में, चेहरे बदल रहे हैं लेकिन सत्ता का चरित्र नही बदल रहा है। आम आदमी के लिए सोचना बताया जाता है मगर धरातल पर ऐसा दिखता नही है। मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के आने पर जितना तामझाम हुआ जितना पैसा पानी की तरह बहाया गया, जिस दिन यह पैसा जनता के हित में खर्चे होने लगेगा, उस दिन सच में जनता का विकास होगा। अभी का तंत्र कहीं भी जनता के लिए शासन नजर नही आता जो जनतंत्र का मूल बताया जाता है। जनता द्वारा जनता के लिए जनता की सरकार तो चुनी जाती है, लेकिन क्या वास्तव में सरकारें जनता के लिए काम करती हैं ? क्योंकि धरातल पर जनता को वह लाभ नहीं मिल पाता जो बताया जाता है। पूरे भारत में अभी जो चर्चा है वह दिल्ली की सरकार की चर्चा है, जो वास्तव में जनता के लिए काम कर रही है। क्या हम उन सरकारों से कुछ सीख नही सकते? कहने के लिए तो कहा जाता है नियत साफ मगर काम कहीं भी साफ नजर नही आता। अब तो कांग्रेस और भाजपा में भी कोई फर्क बता पाना मुश्किल है, कांग्रेस और भाजपा दो सिक्का के पहलू जैसे हो गये हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस मुक्त भारत की बात जरूर कर रहे हैं, मगर राजनीति में वे पूरी तरह कांगे्रस संस्कृति को अपना रहे हैं कुछ न कुछ बढ़ चढक़र। तो हम बदलाव कहंा ला रहे हैं। जिस दिन आम आदमी को महसूस होगा की सरकार हमारे लिए काम कर रही है, उस दिन सही में जनता के लिए सरकार होगी, अभी तो सारे नियम कानून इस तरह बनाये जाते हैं कि उसमें कुछ लोगों को कुछ विशेष अधिकार के साथ लाभ मिले। आम आदमी को लाभ मिले ऐसे नियम तो कही बनते नजर नही आते। सूचना का अधिकार को ही ले सरकारें कितनी गंभीरता से लेती है, यह सभी को पता है। इसी तरह राजनीति में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लोकायुक्त कुछ न कुछ कारण बनाकर रोक दिया जाता है। कुल मिलाकर कब मिलेगा आम जनता को खास होने का लाभ।

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  • Published: 2 months ago on June 6, 2018
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  • Last Modified: June 6, 2018 @ 10:16 am
  • Filed Under: Editorial

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