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एक दिन घुमने गया गेंदा फूल को देखा

By   /   January 5, 2018  /   No Comments

योगेश बढ़ाई,
शासकीय प्राथमिक शाला साहूडीपा
एक दिन घुमने गया
गेंदा फूल को देखा
कितने सुन्दर है दिखते
सुनहरे जंगल लगते
फूलों की लड़ी है गेंदा
मानो सोना से ही बनता
सभी फूलों से है महान
राजकीय पुष्प से सम्मान
सुन्दर से माला बनते
देवी देवताओ को चढ़ाते
वर्षा में गेंदा उगते
कई दिनों तक शोभा बढ़ाते
पत्ती इसकी सुघ्घर दवा
दर्द निवारक बन गया
जड़ भी है औषधि
छेरी के मोच की दवाई
बैंगन में लगे कीड़ा
नाली में लाओं गेंदा
दूर होगा कीट प्रकोप
गेंदा के ये है स्वरूप
गेंदा है सुन्दर सुमन
इसको करे नमन

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  • Published: 9 months ago on January 5, 2018
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  • Last Modified: January 5, 2018 @ 11:09 am
  • Filed Under: Poetry

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