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अच्छे स्वास्थ्य

By   /   September 8, 2018  /   No Comments

 

महेन्द्र देवांगन(माटी)
पंडरिया, कवर्धा
अगर रहना चाहते हो स्वस्थ, आसपास को रखो स्वच्छ।
मैला कुचैला पास न फेंको, आजू बाजू सबको देखो।
भोजन पानी ढककर रखो, बासी खाना कभी न चखो।
ताजा ताजा सब्जी लाओ, हाथ मुंह को धोकर खाओ।
गंदे पानी कभी न पीओ, फिर तो हजारों साल तक जीओ।
गांव गली को रखो साफ , रहे स्वस्थ बच्चे मां बाप।
मक्खी मच्छर का न हो पड़ाव, करते रहो डीडीटी का छिडक़ाव।
चारों तरफ हो स्वच्छ परिवेश, भागे बिमारी मिटे क्लेश।
आसपास में पेड़ लगाओ, शुद्ध ताजा हवा पाओ।
अच्छे स्वास्थ्य की यही कहानी, सात्विक जीवन निर्मल पानी।

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  • Published: 3 months ago on September 8, 2018
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  • Last Modified: September 8, 2018 @ 3:01 pm
  • Filed Under: Poetry

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