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नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षक बहुत ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक के लिए तरस रही है स्कू लें जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति क्यों दी गई यह जांच का विषय

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By   23 hours ago

बसना ग्रामीण। न ही नगर पंचायत प्रशासन को रूचि, ना शिक्षा विभाग के अधिकारियों को है। बसना ब्लाक में कई स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। जबकि बसना मुख्यालय के संकुल में नियम को दरकिनार करके शिक्षक एवं शिक्षिकाएं अंगद की पैर की भांति जमे है। स्कूलों में बच्चों के निर्धारित अनुपात से […]

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स्वच्छता ही सेवा का नारा गूंजा रासयो गोद ग्राम खेमड़ा में

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By   23 hours ago

बसना। राष्ट्रीय सेवा योजना शासकीय आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बसना के गोद ग्राम खेमड़ा में स्वच्छता ही सेवा जनजागृति कार्य का अभियान कार्यक्रम अधिकारी रमेश कुमार सोनी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रासेयो स्वयं सेवकों ने ग्रामीणों में स्वच्छता की जनजागृति हेतु वहां के शासकीय प्राथमिक शाला भवन प्रांगण, तालाब के […]

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शिक्षकों को विदाई दी गई

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By   23 hours ago

बसना नगर। संकुल केन्द्र हबेकांटा के शिक्षकों के द्धारा सेवानिवृत्त शिक्षक यशवंत होता व विभिषण भोई को विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रधानपाठक बीपी पुरोहित दारा मंच संचालन व कविता पठन किया गया। शिक्षकों ने प्रतीक चिन्ह भेट कर सम्मान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महेन्द्र वर्गे, शंकर अग्रवाल, दिव्यानंद भोई, नरेश भोई, […]

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शालाओं की गुणवत्ता निरीक्षण हेतु ग्राम सभा

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By   23 hours ago

बसना। डॉॅ एपीजे अब्दुल कलाम गुणवत्ता वर्ष 2017 में शालाओं का आंकलन किया जा रहा है जिसके लिए नामित अधिकारी को नियुक्त किया गया । नामित अधिकारी सुरेश पटेल व्याख्याता शासकीय आदर्श उमावि बसना के द्वारा शासकीय प्रथमिक शाला छान्दनपुर एवं शासकीय प्राथमिक शाला खेमड़ा का निरीक्षण किया गया नामित अधिकारी सुरेश पटेल दोनों ग्रामों […]

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ओजोन परत हमारी सुरक्षा छतरी हमको इसे बचाना है अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया गया

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By   23 hours ago

बसना। ओजोन परत हमारी सुरक्षा छतरी है इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसे नष्ट होने से बचाने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगें वरना हमारे प्राकृतिक संसाधन बहुत ही जल्द समाप्त हो जायेंगे विशेषकर पानी, हमें पानी बचाने नदियों को भी बचाना होगा इसलिए इसके तटों पर होने वाले पौधारोपण […]

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शिवलिंग क्षतिग्रस्त कर तालाब में फेंकने वाले को पुलिस ने हिरासत में लिया

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By   24 hours ago

बसना। बिछियां पोटापारा में पूजा स्थल से शिवलिंग को क्षतिग्रस्त कर दो तालाबों में फेकने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों की ओर से भास्करण गड़तिया की शिकायत पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी वल्लभ सोना को हिरासत में लेकर कार्रवाई व जांच आरंभ कर दी है। पुलिस जांच टीम ने गांव पहुंचकर […]

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जंगल में मशरूम खोजने गये हुये हाथी का शिकार हाथी ने कुचला युवक मृत

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By   2 days ago

पिथौरा। समीपस्थ गिरना में एक ग्रामीण की मौत हाथी के कुचलने से हो गई । जिससे आस पास के गांवों में दहशत का माहौल है। उक्त युवक गिरना जंगल में प्रात: मशरूम खोजने निकला था पर अचानक 5 से 7 जंगली हाथियों के समूह से उसकी मुठभेढ़ हो गई और युवक को हाथियों ने बुरी […]

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रेलिंग के अभाव में 20 फिट गहरी खाई में गिरी कार

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By   2 days ago

पिथौरा नगर। रेलिंग के अभाव में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर 20 फि ट गहरी खाई में गिर गई। हालांकि इस हादसे में किसी तरह की गंभीर चोट या जन हानि नही हुई किन्तु इस हादसे ने एक बार फिर आला अधिकारियों एवं सडक़ ठेकेदार की पोल खोल दी है । घटना बुधवार गुरुवार के […]

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हिंदी दिवस एक औपचारिक पर्व

By   2 weeks ago

अंकित भोई अद्वितीय बलौदा। विभिन्न भौतिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अर्थोपार्जन की गला काट प्रतिस्पद्र्धा के दौरे में हिंदी दिवस भी आया और चला गया मानो दीवाली के धमाकेदार आतिशबाजी के बीच कोई जुगनु अपना अस्तित्व तलाश रहा हो। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात संविधान में हिंदी भाषा के संरक्षण व पोषण हेतु बड़ी-बड़ी दलीलें दी […]

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पत्रकारिता का चरित्र सत्ता और व्यवस्था विरोधी ही होना चाहिए गौरी लंकेश की हत्या से हम क्या सिद्ध करना चाहते हैं

By   2 weeks ago

अंकित भोई अद्वितीय, बलौदा। विश्व के सबसे विस्तृत व गौरवपूर्ण संविधान अर्थात भारत के संविधान में देश के नागरिकों के लिए कुछ मौलिक अधिकारों का प्रावधान किया गया है, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार भी प्रमुख है। विगत दिनों देश में एक प्रख्यात महिला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या कर दी गई। उनका दोष […]

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शिक्षा के नींव को मजबूत करना आवश्यक

By   3 weeks ago

अमृतलाल पटेल, जोगनीपाली। जब बात सार्वजनिक हित की हो तो कहने या करने के पहले अच्छे से चिंतन मनन कर लेना चाहिए क्योंकि उससे होने वाले लाभ या हानि का संबंध एक अकेले न होकर समूचे मानव समाज पर पडऩे वाला होता है। पिछले वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए निर्णय का भी […]

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राष्ट्र के सजग प्रहरी

By   3 weeks ago

सुरेन्द्र प्रबुद्ध अक्षरा, तोषगांव। विश्वकवि, राष्ट्रकवि, जन नायक, देशबंधु, राष्ट्रपिता या बापू, महामना, पंजाब केसरी, नेताजी, विद्यासागर, कवि सम्राट, उपन्यास सम्राट, भक्त शिरोमणी, महात्मा, भारतकोकिला, लोकमान्य, महर्षि, राजर्षि, महापंडित, वीर और परमवीर आदि कई विशेषण जन मानस ने अपने युग पुरूषों को समाहत करने के लिए संबोधन के रूप में खोजा था तथा ह्रदय से […]

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शिक्षक एक राष्ट्र निर्माता

By   3 weeks ago

अंकित भोई, अद्वितीय बलौदा। सब धरती कागज करूं, लेखनी सब वनराज समुद्र की मसि, गुरू गुण लिखा न जाए हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन निर्गुण काव्यधारा के अग्रगण्य कवि संत कबीरदास ने उपरोक्त पंक्ति के माध्यम से गुरू महिमा का बखान करते हुए कहा है कि यदि पूरी धरती को लपेट कर कागज बना लिया जाए, […]

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हमारा प्राचीन ज्ञान और विश्व विज्ञान

By   3 weeks ago

आशीष कर सराईपाली भारतीय योग विधा और वेद विज्ञान के दुनिया भर में विस्तार पर विचार करते समय इस बात का भी विचार होना चाहिये कि ये भारतीय विज्ञान विश्व के आकर्षण क्यों बने । योग एक ऐसी विधा है जिसमे व्यायाम तो होता ही है साथ ही धर्म के समृद्ध अध्ययन की तैयारी भी […]

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रक्षक है या भक्षक

By   3 weeks ago

अंकित भोई अद्वितीय, बलौदा। 21 वीं सदी में विकास व प्रतिस्पर्धा के चरमोत्कर्षकाल में मानवता अपने अस्तित्व की रक्षा हेतु संघर्षरत है। नेता मंत्री रूपी समाज सेवक लोकहित का राग तो अलापते हैं किन्तु संंबधित योजनाएं कागजों में ही सिमटकर शासकीय दप्तरों के मेजों की शोभा बढ़ाने तक ही सीमित रह जाती हैं। किसी विद्वान […]

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बदले बदले मेरे सरकार नजर आते हैं

By   1 month ago

सुरेंद्र प्रबुद्ध अक्षरा तोषगांव संर्पक 9669274393 एक पुरानी लोकप्रिय हिंदी फिल्म की कड़ी याद आयी। मुजरे का दृश्यांकन भी आंखों मे झूल गया। माशूका एक गरीब बेबस युवती जो तन मन से मासूम व हसीन है। मजबूरी ने उसे कोठे में धकेल दिया है। उसने गायन और नर्तन को अपने पेट के लिए पेशा बनाया […]

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दुकाल के दिन आगे संगी

By   4 days ago

राकेश कुमार चतुर्वेदी, ग्राम जमनीडीह कब तक फेकत रहिबे संगी तैंय ह गा पासा नई पावस धान संगी छोड़ दे अब तैंय ह आशा सुखा होगे खेत डोली तरिया नखा अटागे सनसो धर दिइस किसान ठाड़ ओहर सुखागे आधा डाहर म छोडक़े नई गिरत हे पानी खाय बर एक ठन दाना नईये बेचागे कुरिया घानी […]

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भक्ति की जोत जलाले

By   4 days ago

महेन्द्र देवांगन माटी , पंडरिया कवर्धा छत्तीसगढ़ भक्ति के जोत जलाले संगी इही ह काम तोर आही ए जिनगी के काहे ठिकाना माटी म मिल जाही चार दिन के चटक चंदैनी फेर अंधियारी रात करम धरम तै कर ले संगी सुख से जिनगी बिता तर जाही तोर पापी चोला नाम तोरे रहि जाही ए जिनगी […]

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बने साक्षर हम

By   4 days ago

संतोष गुप्ता सचिव , श्रृंखला साहित्य मंच पिथौरा पढ़ लिख कर बने साक्षर हम दूर करे अज्ञानता का हरदम देश की उन्नति विकास में मिलकर आगे आयें हम बच्चों बूढ़ो और जवानों को क ख ग घ पढ़ायें हम आलोकित हो ज्ञान से सब ऐसा करें सब काम हम ना हो कोई अशिक्षित पढ़ा कर […]

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बादर छागे बादर छागे पानी गिरगे खुमरी छाता सबो निकलगे

By   2 weeks ago

महेन्द्र देवांगन गोपीबंद पारा पंडरिया कबीरधाम बादर छागे पानी गिरगे खुमरी छाता सबो निकलगे कपड़ा लत्ता जम्मो भीगगे डोकरी दाई फि सल के गिरगे नोनी बाबू डोंगा चलाये बबा ह अब्बड़ खिसियाये सुरूर सुरूर नाक बोहाये डाक्टर आके सूजी लगाये रदरद रदरद गिरे पानी चूहत हाबे परछी छानी कुरिया में बइठे बबा जुडाये घेरी बेरी […]

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चल नोनी हिन्दी दिवस मनाबो चल नोनी हिन्दी दिवस मनाबो

By   2 weeks ago

धनीराम भूकेल, बसना चल नोनी हिन्दी दिवस मनाबो चल नोनी हिन्दी दिवस मनाबो बने चाहे झिन बने हिन्दी म गोठियाबो तहुं पांचवी पास अऊ महुं दसवीं फेल घर में हो चाहे बाहिर हिन्दी म गोठियाबो हमन ल देख के लइका मन सीखही बने बने आखर हिन्दी म लिखही चल जोही स्कूल म जाबो हिन्दी दिवस […]

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जहां तुम्हे सिर्फ मै मिलूंगी जब कोई राह न मिले

By   2 weeks ago

गजानंद राय सरस्वती पुत्र, सराईपाली। जहां तुम्हे सिर्फ मै मिलूंगी जब कोई राह न मिले तुम्हे राह दिखाऊंगी जीवन पथ पर चाह दिखाऊंगी जब भीषण हो ज्वाला मै नही डगमगाऊंगी आंधी आए चाहे तूफान मै ज्योति जलाऊंगी तम के अंधकार में यह क्या पथ है जीवन की जिसमें न राग है न प्रलाप मै सृजन […]

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पैसा बोलता है बहुत से राज खोलता है नही खरीद सकते खुशियों को हम पैसों से

By   3 weeks ago

अंकिता अग्रवाल, पिथौरा। पैसा बोलता है बहुत से राज खोलता है नही खरीद सकते खुशियों को हम पैसों से फिर भी ना जाने क्यों देख पैसे को लोगों का इमान डोलता है गरीब है सोचता मिल जाए पैसे थोड़े हो जाए हर सपने पूरे अमीर है सोचता थोड़े ही हैं यह पैसे इन्हे और बढ़ाऊं […]

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असंतोष की खुंटी पर

By   3 weeks ago

प्रवीण प्रवाह। असंतोष की खुंटी पर शिक्षा का झोला टांग रहा है शिक्षक वेतन मांग रहा है ज्ञानार्जन में प्रगति की गति परिलक्षित है मंद अभी भी मन में अब भी तम फैला है ज्ञान चक्षु हैं बंद अभी भी जाने कब जागेगा सूरज अब भी कुक्कुट बांग रहा है शिक्षक वेतन मांग रहा है […]

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